Published on: 27 Mar 2026
*आईजीयू में ‘इनोवेशन डेवलपमेंट प्रोसेस, टीआरएल एवं टेक्नोलॉजी ट्रांसफर’ विषय पर व्याख्यान आयोजित।*
इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय, मीरपुर, रेवाड़ी के कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग विभाग द्वारा इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल के सहयोग से “इनोवेशन डेवलपमेंट प्रोसेस, टेक्नोलॉजी रेडीनेस लेवल (TRL) एवं लैब टेक्नोलॉजी के कमर्शियलाइजेशन” विषय पर विशेषज्ञ व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के 60 से अधिक विद्यार्थियों एवं प्राध्यापकों ने सक्रिय भागीदारी की।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता UIET, महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय, रोहतक के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर युधवीर सिंह रहे। उन्होंने नवाचार के चरणबद्ध विकास, टीआरएल फ्रेमवर्क, शोध के औद्योगिक उपयोग तथा टेक्नोलॉजी ट्रांसफर की प्रक्रिया पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि किसी भी तकनीक को प्रयोगशाला से बाजार तक पहुंचाने के लिए उसकी परिपक्वता का आकलन आवश्यक है और टीआरएल इस दिशा में महत्वपूर्ण मानक है।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर असीम मिगलानी ने कहा कि शोध तभी सार्थक होता है जब वह समाज और उद्योग की आवश्यकताओं को पूरा करे। कुलसचिव प्रोफेसर दिलबाग सिंह ने विद्यार्थियों को पेटेंट फाइलिंग एवं नवाचार आधारित गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लेने के लिए प्रेरित किया। विभागाध्यक्ष प्रोफेसर सतींदर बल गुप्ता ने विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम की सराहना करते हुए इसे शोध एवं उद्यमिता को बढ़ावा देने वाला महत्वपूर्ण प्रयास बताया।
व्याख्यान के दौरान इनोवेशन के विभिन्न चरणों, टीआरएल मूल्यांकन, टेक्नोलॉजी लाइसेंसिंग एवं कमर्शियलाइजेशन के मार्गों पर चर्चा की गई। प्रश्नोत्तर सत्र में विद्यार्थियों एवं प्राध्यापकों ने शोध को बाजार योग्य उत्पादों में बदलने से संबंधित जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया।
कार्यक्रम से विद्यार्थियों में पेटेंट कराने, शोध आधारित स्टार्ट-अप विकसित करने तथा प्रयोगशाला तकनीकों को व्यावसायिक रूप देने के प्रति जागरूकता बढ़ी। अंत में विभाग की ओर से मुख्य वक्ता का धन्यवाद ज्ञापित किया गया। यह आयोजन विश्वविद्यालय के नवाचार पारितंत्र को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।